भोपाल, 23 अप्रैल 2024: मध्य प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। शिक्षण संचालनालय ने अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर एक आदेश जारी किया है।
आदेश के अनुसार, अतिथि शिक्षकों को सीधे नियमित नहीं किया जाएगा। उन्हें सीधी भर्ती में 25% आरक्षण दिया जाएगा।
यह आदेश जबलपुर हाईकोर्ट के निर्देश पर जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को नियमों के अनुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे।
मध्य प्रदेश: अतिथि शिक्षकों को बड़ा झटका! नियमितीकरण नहीं, सीधी भर्ती में मिलेगा 25% आरक्षण

राज्य में 70 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से कई शिक्षक 15 साल से अधिक समय से सेवाएं दे रहे हैं।
अतिथि शिक्षकों की नियमितीकरण की मांग को लेकर कई बार आंदोलन भी किए गए हैं।
नए आदेश से अतिथि शिक्षकों में निराशा है।
उनका कहना है कि यह सरकार का उनका शोषण करने का एक तरीका है।
विभाग का कहना है कि नियमों के अनुसार अतिथि शिक्षकों को सीधे नियमित नहीं किया जा सकता।
यह आदेश मध्य प्रदेश सरकार और अतिथि शिक्षकों के बीच टकराव को और बढ़ा सकता है।
अतिथि शिक्षकों ने दायर की याचिका
मध्य प्रदेश के हजारों की संख्या में अतिथि शिक्षकों की तरफ से नियमितीकरण के लिए मध्य प्रदेश जबलपुर हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई है। दरअसल प्रदेश के अतिथि शिक्षकों के पास 3 वर्ष से लेकर 15 वर्षों तक का शिक्षक अनुभव है वहीं ये अतिथि शिक्षक D.Ed B.Ed डिग्री धारक भी है
और इसके अलावा वह शिक्षक पात्रता परीक्षा को भी पास किए हुए हैं लेकिन बावजूद इसके उनको नियमितीकरण का लाभ उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।
लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया बड़ा आदेश
दरअसल प्रदेश के 3 से 15 वर्ष से अधिक का शिक्षक अनुभव प्राप्त किए हजारों की संख्या में अतिथि शिक्षकों ने जबलपुर हाईकोर्ट में अन्य राज्यों का हवाला देते हुए कहा कि भारत के आने कई राज्यों में अतिथि शिक्षकों को नियमित कर दिया गया है इसलिए उनका कहना है कि उनकी सेवाओं को भी नियमित किया जाना चाहिए।
वहीं यह मामला जबलपुर हाईकोर्ट की तरफ से अक्टूबर 2023 में स्कूल शिक्षा विभाग के पास भेजा गया जिसके पास 18 अप्रैल 2024 को लोक शिक्षण संचालनालय की तरफ से अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण के मामले में बड़ा आदेश जारी किया गया।